बायोगैस के जरिए गुजरात की संस्थाएं कुकिंग गैस में आत्मनिर्भर
Mar 27, 2026
गुजरात वैकल्पिक ऊर्जा की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जहां संस्थान कुकिंग के लिए बायोगैस अपना रहे हैं। इंस्टीट्यूशनल बायोगैस योजना के तहत गौशालाएं, ट्रस्ट और शैक्षणिक परिसर जैविक कचरे को स्वच्छ ईंधन में बदल रहे हैं। पिछले पांच वर्षों में 193 से अधिक प्लांट स्थापित हुए हैं, जिनकी कुल क्षमता करीब 13,955 घन मीटर प्रतिदिन है। गांधीनगर के अडालज स्थित श्रीमती माणेकबा विनय विहार में बायोगैस से 500 से अधिक लोगों की रसोई चल रही है, जिससे LPG की जरूरत खत्म हुई है और स्लरी का उपयोग जैविक खेती में हो रहा है। 75% तक सब्सिडी और नए प्लांट्स की योजना के साथ यह पहल ऊर्जा आत्मनिर्भरता, सतत विकास और कचरा प्रबंधन को मजबूती दे रही है।