गरबा से वैश्विक बाज़ार तक: गुजरात की सखी मंडल की महिलाएँ परंपरा को बना रहीं कारोबार
Oct 10, 2026
गुजरात की ग्रामीण महिलाएँ नवरात्रि के दौरान पारंपरिक हस्तकला को आजीविका और उद्यमिता का माध्यम बना रही हैं। मिशन मंगलम और सखी मंडलों के जरिए महिलाएँ कढ़ाई वाले कुर्ते, ब्लाउज, चनिया-चोली और अन्य हस्तनिर्मित उत्पाद तैयार कर रही हैं। अहमदाबाद हाट और सरस मेले जैसे मंच उन्हें अपने उत्पाद बेचने और नए ग्राहकों तक पहुँचने का अवसर देते हैं। स्वयं सहायता समूहों से महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता, स्वरोजगार और सामाजिक सम्मान बढ़ा है। त्योहारों के दौरान पारंपरिक हस्तकला की बढ़ती माँग गुजरात की सांस्कृतिक विरासत को नए बाज़ारों से जोड़ रही है।