पारंपरिक हुनर, आधुनिक नावें: गिर सोमनाथ में शिपबिल्डिंग से संवरती आजीविका

Apr 24, 2026

गिर सोमनाथ के तट पर ‘ब्लू इकोनॉमी’ के तहत शिपबिल्डिंग उद्योग तेजी से बदल रहा है, जहां पारंपरिक कारीगरी और आधुनिक तकनीक का मेल आजीविका को मजबूत कर रहा है। लकड़ी की पारंपरिक नावों की जगह अब फाइबर-रेइन्फोर्स्ड बोट्स ले रही हैं, जो अधिक टिकाऊ और सुरक्षित हैं। सरकारी सब्सिडी से मछुआरे और कारीगर इंजन व जीपीएस जैसी सुविधाएं अपनाकर कम लागत में आधुनिक बन रहे हैं। यह बदलाव सिर्फ आधुनिकीकरण नहीं, बल्कि सुरक्षा और जीविका से जुड़ा है। अब नाव निर्माण तेज और अधिक कुशल हुआ है, फिर भी इसकी नींव पारंपरिक कौशल पर टिकी है। यह पहल रोजगार बढ़ाने, मत्स्य क्षेत्र को मजबूत करने और तटीय समुदायों के सतत विकास को नई दिशा दे रही है।