दक्षिण गुजरात में रिज-टू-वैली पहल से पानी, रोजगार और उम्मीद
Jun 23, 2026
सूरत, गुजरात: दक्षिण गुजरात के जंगलों को वन विभाग के रिज-टू-वैली मॉडल के माध्यम से प्राकृतिक जल भंडारों में बदला जा रहा है। यह पहल “जल शक्ति अभियान: कैच द रेन” के तहत चलाई जा रही है। सूरत जिले के उमरपाड़ा जैसे क्षेत्रों में चेक डैम, वन तालाब और ट्रेंच के जरिए वर्षा जल का संरक्षण किया जा रहा है। पिछले पांच वर्षों में 170 चेक डैम और 215 वन तालाबों के निर्माण से लगभग 580 करोड़ लीटर भूजल का पुनर्भरण हुआ है, जिससे यह पहल सतत जल संरक्षण और ग्रामीण विकास का एक सफल उदाहरण बनकर उभरी है। पानी की बढ़ी हुई उपलब्धता से सिंचाई में सुधार हुआ है, मिट्टी के कटाव में कमी आई है और वर्षा जल संचयन को मजबूती मिली है।