गुजरात के डांग के दूरदराज़ गांवों तक पहुंची जल क्रांति

May 16, 2026

वर्षों तक उमा बेन की सुबह पानी लाने के लिए लंबी दूरी तय करने से शुरू होती थी। गुजरात के डांग जिले के साकरपातल गांव की कई महिलाओं की तरह वे भी हर दिन पहाड़ी और जंगल के रास्तों से पानी के बर्तन ढोकर लाती थीं। लेकिन अब गुजरात सरकार के ‘नल से जल’ मिशन और केंद्र सरकार की ‘हर घर जल’ पहल के तहत पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए साफ पीने का पानी सीधे उनके घरों तक पहुंच रहा है। घर-घर नल कनेक्शन पहुंचने से आदिवासी परिवारों, खासकर महिलाओं की परेशानियां कम हुई हैं। पहाड़ी इलाका होने के बावजूद पाइपलाइन और लिफ्ट सिंचाई प्रणाली के जरिए दूरदराज़ गांवों तक नियमित पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। स्थानीय समुदाय भी इस व्यवस्था के रखरखाव में मदद कर रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, ‘जल जीवन मिशन’ के तहत गुजरात देश के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल है और राज्य ने ग्रामीण घरों में 100 प्रतिशत नल जल कनेक्शन का लक्ष्य हासिल कर लिया है। पानी के लिए किलोमीटरों चलने से लेकर घर के दरवाजे तक पानी पहुंचने तक, गुजरात के आदिवासी गांवों की जिंदगी बदल गई है। इस पहल ने लोगों को सुविधा दी है, समय बचाया है और रोजमर्रा की जिंदगी की गुणवत्ता में सुधार किया है।