यूट्यूब से ऑनलाइन क्लास तक: बधिर-मूक समुदाय के लिए गुजराती शिक्षक की अनोखी पहल
Jan 15, 2026
वडोदरा के राजेश शरद केतकर की कहानी संघर्ष, हौसले और उद्देश्य की मिसाल है। बचपन में पोलियो के कारण वे सुनने-बोलने में असमर्थ हैं और चलने में भी कठिनाई होती है। एक दौर में निराशा ने उन्हें घेर लिया था, लेकिन उन्होंने अपनी कमजोरी को ही अपनी ताकत बना लिया। राजेश ने लैपटॉप के जरिए एक यूट्यूब चैनल शुरू किया, जहाँ वे साइन लैंग्वेज में देश-दुनिया की खबरें बताते हैं, ताकि बधिर और मूक समुदाय तक जानकारी पहुँच सके। इसके साथ ही वे ऐसे बच्चों को मुफ्त ऑनलाइन अंग्रेज़ी पढ़ाते हैं, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें। उनके प्रेरणादायक कार्यों के लिए उन्हें 2025 में ‘सर्वश्रेष्ठ दिव्यांगजन’ राष्ट्रीय पुरस्कार मिला, जिसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्रदान किया। परिवार के सहयोग से राजेश आज अनगिनत लोगों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं।