खारे और बंजर क्षेत्र को हरित पारिस्थितिकी तंत्र में बदल रहा है धोलेरा का अभिनव वनीकरण अभियान

Jul 31, 2026

गुजरात का धोलेरा, जो कभी खारा और बंजर तटीय क्षेत्र था, अब वैज्ञानिक वनीकरण के माध्यम से जलवायु-सहिष्णु हरित पारिस्थितिकी तंत्र में बदल रहा है। सामाजिक वानिकी विभाग और DSIRDA ने जलभराव और मिट्टी की लवणता जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए ड्रम प्लांटेशन पद्धति अपनाई है, जिसके तहत अब तक 36,000 से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। इस तकनीक में पौधों को ऊंचाई देकर स्थिर पानी से बचाया जाता है और उपजाऊ मिट्टी, कोकोपीट, वर्मीकम्पोस्ट, रेत व जिप्सम के मिश्रण से बेहतर विकास सुनिश्चित किया जाता है। कोस्टल ग्रेडिएंट मॉडल के तहत 11.9 करोड़ पौधों का लक्ष्य एक प्राकृतिक तटीय सुरक्षा कवच तैयार करना है। देशी प्रजातियां जैसे महुआ, गुंडा और गुंडी तेजी से विकसित होकर जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण को मजबूत कर रही हैं।