कचरे का सदुपयोग, स्वच्छ ऊर्जा का निर्माण: गुजरात की गोबरधन पहल
Sep 02, 2026
गुजरात के गांधीनगर जिले के महुड़ी गांव में स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के तहत गोबरधन योजना के जरिए पशुओं के गोबर का उपयोग किया जा रहा है। परिवार बायोगैस प्लांट से गोबर को स्वच्छ खाना पकाने के ईंधन में बदल रहे हैं। वहीं, इससे निकलने वाली बायो-स्लरी का इस्तेमाल जैविक खाद के रूप में किया जा रहा है, जिससे गांवों में टिकाऊ खेती को बढ़ावा मिल रहा है। दो घन मीटर क्षमता वाले बायोगैस प्लांट की लागत करीब 42 हजार रुपये है। इसमें लाभार्थी को 5 हजार रुपये देने होते हैं, जबकि बाकी राशि सरकार की सब्सिडी से पूरी की जाती है। गुजरात में 2023-24 से अब तक 88 क्लस्टरों में 14 हजार से अधिक व्यक्तिगत बायोगैस प्लांट चालू किए जा चुके हैं। गुजरात में 2026-27 के दौरान 20 हजार और व्यक्तिगत बायोगैस प्लांट लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इस पहल के लिए 25 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इस कार्यक्रम के तहत पशुओं के गोबर से स्वच्छ ईंधन और जैविक खाद तैयार की जा रही है, जिससे ग्रामीण स्वच्छता और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है।