गुजरात का बायोबैंक बना दुर्लभ बीमारियों से लड़ाई का नया हथियार

Mar 25, 2026

अहमदाबाद स्थित FRIGE इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन जेनेटिक्स भारत में दुर्लभ आनुवंशिक बीमारियों के खिलाफ अहम भूमिका निभा रहा है। यह सरकार समर्थित NGO देश का पहला राष्ट्रीय बायोबैंक संचालित करता है, जो लाइसोसोमल स्टोरेज डिसऑर्डर जैसी गंभीर बीमारियों पर केंद्रित है। करीब 22 वर्षों में विकसित इस बायोबैंक में 530 से अधिक मरीजों के सैंपल और मेडिकल डेटा सुरक्षित हैं, जिनसे जीन म्यूटेशन की पहचान की जा रही है। गुजरात स्टेट बायोटेक्नोलॉजी मिशन के सहयोग से कम लागत वाले डायग्नोस्टिक किट और जीन थेरेपी विकसित की जा रही है। संस्थान 19 प्रकार के लाइसोसोमल डिसऑर्डर की सटीक पहचान कर चुका है। यह पहल महंगे इलाज को किफायती बनाने और गुजरात को जेनेटिक रिसर्च का उभरता केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।